C++ क्या है? What is C++ in Hindi?

C++ एक object oriented प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है| C++ को Bjarne Stroustrup ने AT&T Bell Laboratories USA में बनाया था|

C++ के creater Bjarne Stroustrup, C language और Simula67 के बहुत बड़े supporter हुआ करते थे|

Bjarne Stroustrup, C language और Simula67 दोनों लैंग्वेज को मिला कर एक नई लैंग्वेज बनाना चाहते थे जो इन दोनों लैंग्वेज से ज्यादा powerful हो और object oriented programming को भी सपोर्ट करें|

इसलिए C++ को C language का extension कहा जाता है|

Object oriented Programming

Object Object oriented Programming के important concepts:

1. Object

Object एक बेसिक run time entity है| object किसी person, किसी जगह या आपके बैंक अकाउंट को represent करता है|

Object user defined डाटा जेसे vector, time को भी represent करता है|

object oriented Programming में class के variable/function को object के द्वारा ही access किया जाता है|

2. Classes

Class भी object oriented programming का important feature है| Class एक user defined डाटा टाइप है| जिसमे प्रोग्रामर variable और function लिखता है और object के द्वारा variable/function को access करता है|

3. Abstract

Abstract का मतलब है कि user को वही फंक्शनलिटी दिखाना जिसकी उसको जरूरत है| बाकि की डिटेल और बैकग्राउंड प्रोसेस को abstraction के द्वारा हाईड कर लिया जाता है|

4. Encapsulation

Encapsulation का मतलब डाटा (data) और फंक्शन (function) को किसी single unit में wrap करना होता है|

Data Encapsulation, C++ का बहुत की शानदार feature है|

Data Encapsulation से data को hide भी किया जाता है|

5. Inheritance

Inheritance hierarchical classification के concept को सपोर्ट करता है| Inheritance से code re-use ability implement होती है जिसका मतलब मान लो अपने एक class में एक function बनाया है अब आप किसी दूसरी class में इस function को लिखना चाहते है अब आपको वही program को दूसरी बार लिखने की जरूरत नहीं पड़ेगी, आप एक class में बनाये गये function को दूसरी class में inherit कर सकते है|

6. Polymorphism

Polymorphism भी एक OOP का concept है| Polymorphism, शब्द ग्रीक देश से आया है जिसका मतलब एक से ज्यादा काम करने की क्षमता|

Polymorphism में operator overloading और function overloading जेसे feature included है|

7. Dynamic Binding

Dynamic binding को हम late binding के नाम से भी जानते है|

8. Message Passing

Object oriented programming में objects एक दूसरे से communicate करते है जिससे program real life condition को represent करता है।  

Application of C++

C++ program को हैंडल और मेन्टेन करना बहुत ही आसान होता है|

C++ एक versatile लैंग्वेज है जिससे हम काफी बड़े program को भी आसानी से हैंडल कर सकते है|

C++ लैंग्वेज machine language के काफी पास होती है क्यूकी C++ में C language के काफी features included है|

Sample of C++ Program

#include<iostream> // include header file

int main( ) // main function

{

count<<“Hello techmasterhindi.com’s Readers

return 0;

}

OUTPUT : Hello techmasterhindi.com’s Readers

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